अपेक्स बैंक हाउसिंग सोसायटी में बड़ा भ्रष्टाचार
- 15-20 वर्षों से घालमेल कर नहीं होने दिया चुनाव
- पदाधिकारियों ने मिलीभगत कर प्लॉट आवंटन में किया बंदरबाट
भोपाल। अपेक्स बैंक हाउसिंग सोसायटी बावडिय़ा कला में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने जानबूझकर पिछले 15-20 सालों से चुनाव नहीं होने दिया। यही नहीं, सोसायटी में दल बल का प्रयोग कर हमेशा मनमानी की गई। सोसायटी में कुछ चुनिंदा लोगों ने आपस में पद को बदलकर अपने हित साधते रहे, जबकि सोसायटी के अन्य रहवासियों के साथ हमेशा अन्याय हुआ।
सहयोग विहार कालोनी के सदस्य रहवासियों ने शिकायत में बताया है कि प्लाट आवंटन के समय से ही भ्रष्टाचार की शुरुआत हुई थी। तत्कालीन संचालकों ने प्लाट आवंटन के लिए चयन प्रणाली अपनाई और सड़क किनारे के प्लाट खुद और रिश्तेदारों में बांट लिया, जबकि शेष सदस्यों को बाद में प्लाट आवंटन किया। यहां निर्मित शॉपिंग काम्पलेक्स में दूकानों व फ्लेट आवंटन में भी चयन प्रणाली से सड़के किनारे की बेशकीमती दुकानें, फ्लेट सोसायटी के संचालकों ने स्वयं व अपने रिश्तेदारों के नाम आवंटित कर ली। जबकि कम महत्वपूर्ण दुकानें आम सदस्यों को उसी मूल्य पर दी गई। इस तरह सोसायटी में पारदर्शी प्रक्रिया न अपनाकर करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार किया गया।
इस तरह किया घपला
शाहपुरा पुलिस थाने में दर्ज मामले के मुताबिक सोसायटी के सदस्य राम मोहन सिंह पटेल को इस शॉपिंग काम्पलेक्स में दुकान क्रं 10 आवंटित की गई थी जिसे बाद में राम मोहन सिंह पटेल के फर्जी हस्ताक्षर कर आवंटन निरस्त कर दिया गया और यह दुकान अपने पसंद के अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दी। सोसायटी के अध्यक्ष ने सदस्यता सूची में सदस्यों के जाति वर्ग गलत बताए हैं। मनोहर जवादे को अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवार की हैसियत से आरक्षित पद के लिए उम्मीदवार भी बनाया गया, जबकि वे पिछड़ा वर्ग से आते हैं। पंजीयक सहकारिता कार्यालय में इसकी जांच की जा रही है।
मनमानी कर रहा अध्यक्ष
सोसायटी का अध्यक्ष सोसायटी में रीसेल पर प्लाट क्रय करने वाले व्यक्तियों से नामांतरण शुल्क व विकास चार्ज के नाम पर एक से डेढ़ लाख रुपयेे लेकर भी के सोसायटी की नियमावली का हवाला देकर सोसायटी की सदस्यता नहीं दे रहा। प्रमुख सचिव सहकारिता व आयुक्त व पंजीयक सहकारी संस्थाएं में इसकी शिकायत की गई है।
अफसरों पर भी सांठगांठ के आरोप
सोसायटी के सदस्यों ने शिकायत की है कि एम.एल. गजभिए, उपायुक्त सहकारिता व वर्तमान में नियुक्त पशासक सुधारकर पाण्डेय भी अध्यक्ष के साथ सांठगांठ कर बैठे हैं और शिकायत पर कार्रवाई की बजाय टालमटोली कर रहे हैं।

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