Header Ads

ads header

Breaking News

बेरोजगारी के एक आइडिया ने बदल दी सैंकड़ों दुनिया



  • लोगों के रोजगार का सहारा बना 'भोपाल जॉब सीकर्स'
  • खुद बेरोजगारी से जूझ रहे थे और शुरू हो गया नो प्रॉफिट वाला स्टार्टअप

दीपक राय, भोपाल...
 बात 2015 की है। हमने खूब मेहनत से पढ़ाई की, डिग्रियां हासिल की, लेकिन जब रोजगार की बात आई तो हाथ में महज डिग्री रूपी कागज ही बचे रहे। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल जैसी जगह में रोजगार की सूचना देने वाली तमाम कंसल्टेंसी थीं, लेकिन वे पैसे वसूलने के अलावा जॉब दिला पाएंगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं। हम बेहद परेशान थे, कहीं कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। यह ऐसा दौर था जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान शुरू किया। घर-घर स्मार्टफोन के माध्यम से इंटरनेट पहुंच रहा था। डाटा सस्ता हुआ। ऐसे में बेरोजगारी से जूझते हुए हमें एक आइडिया आया। यह आइडिया सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ था। हमने सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक को रोजगार का जरिया बनाने की मुहिम शुरू की। 'भोपाल जॉब सीकर(बीजेसी)Ó नाम का फेसबुक ग्रुप बनाया। सैकड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने की यह कहानी नितिन फरक्या, हरिओम राजपूत और नेहा अभय झोड़े की है। इन तीन युवाओं की यह पहल एक सोशल स्टार्टअप है जो नॉन प्रॉफिट यानि बिना कमाई की सेवा है। 2015 में ग्रुप के तीन लाइक के साथ शुरू हुआ भोपाल जॉब सीकर्स का यह कारवां अब 1 लाख 5 हजार के आंकड़ा को छू चुका है। करीब 3 के अंदर एक लाख के आंकड़ा पार करने पर नितिन कहते हैं कि हम युवाओं को जॉब से जुड़ी जानकारी मुहैया करा रहा हैं, इसलिए युवा फेसबुक पेज से तेजी से जुड़ रहे हैं। हरिओम राजपूत बताते हैं कि हम हर रोज 12 से 15 तक रोजगार संबंधी पोस्ट करते हैं। यह जानकारी लाखों युवाओं तक पहुंच रही है, वे इससे लाभांवित हो रहे हैं। हरिओम के मुताबिक उनकी जानकारी में ऐसे दर्जनों युवा हैं जिन्होंने ग्रुप के माध्यम से जानकारी हासिल की और फिर रोजगार पाया।
भोपाल के लिए बनाया, अब देश में फैला
ग्रुप के ओम राजपूत ने बताया कि पहले यह बीजेसी भोपाल के लोगों के लिए ही बनाया था लेकिन इस ग्रुप का नाम और प्रसंशा ऐसी फैलती गयी की अब यह ग्रुप भारत के कोने-कोने के लोग इससे जुड़े हैं। भोपाल जॉब सीकर हजारों चेहरों की खुशी का कारण बना है। बहुत से लोगो को इस ग्रुप के माध्यम  से जॉब मिली है और कंपनियों को अच्छे लोग मिले हैं।

ऐसे बढ़ा कारवां
ग्रुप के संस्थापकों में से एक नितिन फरक्या ने बताया कि यह ग्रुप विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो जॉब तलाश रहे हैं। ग्रुप का मुख्य उद्देश्य ही लोगों को नौकरियों संबंधी जानकारी प्रदान करना है ताकि वे रोजगार पा सकें। हम लोगों की सोच थी कि भोपाल में ओपन कैंपस कम्पनियां  तो आती थी लेकिन लोगों को पता नहीं चल पाता था, इसीलिए हमलोग ने भोपाल जॉब सीकर बनाया।
एक ही पेज मे सभी जानकारी
इस पेज के माध्यम से ओपन कैंपस ड्राइव, रेफेरल ड्राइव, ऑफ कैंपस ड्राइव , वान्किन्स कंपनी की सूचना, सरकारी नौकरी की जानकारी विभिन्न स्रोतों से संग्रह कर के नौकरी तलाशने वालों तक पहुंचाई जाती है और कई बेरोगारों के लिए उपयोगी साबित हुई हैं। भोपाल से शुरु हुआ यह ग्रुप अब अब हमलोग पूरे भारत तक पहुंच गया है। विदेशों में भी इसके लाइकर्स हैं। बैंगलुरू ,चेन्नई ,हैदराबाद , पुणे ,दिल्ली, नोएडा आदि शहरों की कंपनियों की सूचना पेज में दी जाती है।
 यह है ग्रुप के संस्थापक




  • नितिन फरक्या
  • हरिओम राजपूत 
  • नेहा अभय झोड़े

ग्रुप के एडमिन की सोच

हमें पैसा नहीं, दुआ कमानी है : हरिओम
Hariom Rajpoot

हरिओम राजपूत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। हरिओम कहते हैं कि जब हमने ये ग्रुप बनाया था तब एक सिद्धांत से बनाया गया था की हम बिना किसी अपने स्वार्थ से लोगो के मदद करेंगे। बहुत सी कंसल्टेंसी हम से जुडऩा चाह रही हैं, लेकिन हम समाजसेवा के इस स्टार्टअप में कभी व्यावसायिकता हावी नहीं होने देंगे। हमें पैसे नहीं, लोगों की दुआएं कमानी हैं। लोगों की मदद कर के उनके चेहरों की मुस्कान का कारण बनाना है। राजपूत आगे बताते हैं कि मैं जॉब सीकर्स को यही सलाह देना चाहता हु की जो लोग जॉब सर्च कर रहे है वो निराश ना हों। जॉब सबकी होती है किसी के पहले जो जाती है किसी की बाद में। अगर आप जॉब के लिए अपना 100 प्रतिशत दे रहे हैं तो सफलता मिलना जरूर है। जब आप कभी निराशा मह्सूस करते हैं तो माता-पिता से बात करें। वे आपको सपोर्ट करेंगे।

खुद का रोजगार भी दिलाता है सफलता :नेहा 
Neha Jhode

नेहा अभय एक ग्राफि़क्स डिज़ाइनर हैं। बिजनेस बुमन हैं। नेहा बताती हैं कि मैं इस ग्रुप के साथ हूं, बहुत खुश हूं। क्योंकि मैं बेरोजगारी के दौर से गुजरी हूं। मैं क्लेप्ट प्यालेट (भंग तालु) की शिकार रही हूं। मैंं सामान्य लोगों की तरह बोल नहीं पाती हूं। यही कारण रहा कि कई बार इंटरव्यू से मुझे अच्छे से न बोल पाने के कारण बहार कर दिया गया, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। आज मैं खुद ग्राफि़क्स डिज़ाइनर हूं और कई देशों के ग्राहकों के साथ डील कर रही हूं।  नेहा बताती हैं कि जो लोग नौकरी तलाश रहे हंै उनको मेरी यही सलाह की अपने पर भरोसा है तो आज हमारा नहीं है तो कल जरूर होगा। कई बार अनावश्यक  विचार आते है परन्तु हमेशा सकारात्मक बने रहिये और किसी से आशा मत रखिये कोई आप को नौकरी घर बैठे नहीं दिलाएगा। ऐसे समय पर कोई आप का ना दोस्त, ना आप के रिश्तेदार मदद करेंगे सब तुम्हे ही करना है। हर चीज़ समय पर मिलेगी अपने आप पर भरोसा रखें।

जब किसी को मदद की पड़ेगी हम करेंगे :नितिन
Nitin Farkya

एडमिन नितिन फरक्या एक बैंक में अफसर हैं। फरक्या कहते हैं कि गु्रप के सदस्यों को जागरुक करने के लिए हमने यह ग्रुप बनाया था। सामान्य रूप से युवाओं को अधिक जानकारी नहीं होती है और आम तौर पर वो दिशा से भटक जाते है सही दिशा की पहचान नहीं होती है। इस ग्रुप के माध्यम से वो लोगों की मदद ले सकते हैं। हमारी कोशिश यही रहेगी जब किसी को मदद की पड़ेगी हम करेंगे।


साल दर साल ऐसे बढ़े लाइकर्स
2015 20000+
2016 55000+
2017 90000+
2018 102565+

No comments