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विधानसभा में रोने लगीं भाजपा विधायक नीलम मिश्रा, अपनी ही सरकार के मंत्री पर प्रताड़ना का आरोप लगाया

भोपाल. सेमरिया से भाजपा विधायक नीलम मिश्रा विधानसभा में रो पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाए कि खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इशारे पर उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा- यह इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि मैंने खनिज का मामला उठाया था। गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उधर, हरदा पुलिस ने मंगलवार को संदिग्ध वाहन निकलने की सूचना पर विधायक के पति अभय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में रिहा भी कर दिया।
जब तक मुझे सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता, सदन में खड़ी रहूंगी, बैठूंगी नहीं- विधायक नीलम मिश्रा
मैंने खनिज का मामला उठाया था। इसलिए उसका बदला लेने के लिए मंत्री मेरे पति और पूरे परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं। अध्यक्ष से गुजारिश है, मुझे आपका संरक्षण चाहिए। पहले कभी सदन में बोली नहीं, पहली बार अपनी व्यथा बताने के लिए दो मिनट का समय चाहती हूं। आखिरी बार अपनी बात रखूंगी, इसके बाद कभी नहीं बोलूंगी। मेरी बात सुननी पड़ेगी, नहीं सुनी गई तो सदन में खड़ी रहूंगी, बैठूंगी नहीं। स्थानीय मंत्री के दबाव में भारी पुलिस बल रोज मेरे घर भेजा जा रहा है। रीवा रेलवे स्टेशन पर भी मेरे पति को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया। उनका कसूर सिर्फ इतना है कि उन्होंने कांग्रेस की कोई बैठक ली, क्या यह कोई जुर्म है। मंत्री के दबाव में वहां के एसपी काम कर रहे हैं। हमें झूठे प्रकरणों में फंसाया जा रहा है। मैं गृहमंत्री से आश्वासन चाहती हूं, वहां के एसपी को निर्देशित करें। मेेरे पूरे परिवार की रक्षा करें। स्थानीय मंत्री से क्षेत्र के सारे विधायक इतने प्रभावित हैं कि कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं। मेरी ही पार्टी के विधायक मुझे अपनी बात नहीं रखने दे रहे हैं। लेकिन मैं बोल रही हूं, मुझे कोई डर नहीं है। सत्तापक्ष में होने के बाद हमारी बात नहीं सुनी जा रही है तो मेरे विधायक रहने का क्या मतलब। क्या गृहमंत्री मुझे प्रताड़ित करने वाले एसपी पर कार्रवाई करेंगे। -जैसा कि भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने सदन में कहा।
कांग्रेस में जा रहीं इसलिए अनर्गल आरोप लगा रही हैं नीलम मिश्रा
खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भास्कर से बातचीत में कहा कि मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनमें कहीं कोई सच्चाई नहीं है। जो यह कह रहे हैं कि खनिज का मामला उठाया तो हम बदले की कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि इनका तो काम अवैध खनन करना और करवाना है। एक आदिवासी की मृत्यु का मामला था, जहां अभय मिश्रा धरना दे रहे थे। पुलिस लाइन आॅर्डर कंट्रोल करने पहुंची तो उसे खदेड़ दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, अब पुलिस और इनका आपसी विवाद है, मेरा कहीं कोई लेना-देना नहीं है। नीलम मिश्रा के पति तो कांग्रेस में जा चुके हैं। वे सब उनके इशारे पर कर रही हैं। मैंने और मेेरे परिवार ने तो कभी मच्छर तक नहीं मारा तो मैं क्या किसी को मारने के बारे में सोचूंगा। आगे नीलम मिश्रा कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी में हैं। इसलिए अनर्गल आरोप लगा रही हैं।
भाजपा विधायक रह चुके हैं अभय मिश्रा, टिकट नहीं मिला तो पत्नी को टिकट दिलाकर जिताया
अभय मिश्रा विंध्य क्षेत्र के कद्दावर नेता हैं। सेमरिया से जनपद अध्यक्ष रहे। 2008 से 2013 के बीच सेमरिया विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। भाजपा ने उन्हें 2013 में टिकट देने से मना कर दिया, तब उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि उनके अलावा किसी और को सेमरिया से चुनाव जिताकर दिखाए। दबाव में आकर पार्टी ने उनकी पत्नी नीलम मिश्रा को टिकट दिया, वे अभी विधायक हैं। स्वयं मिश्रा ने जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

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