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सरकार के फरमानों से सचिव परेशान, 3 महीने से नहीं मिला वेतन


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के तुगलकी आदेशों से ग्रामीण पंचायत विभाग के सचिव हैरान परेशान है और सरकार की वादाखिलाफी के कारण पूरे प्रदेशभर के सचिवों में भारी नाराजगी है। यह बात आजाद पंचायत सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष हाकिम सिंह यादव ने कही है। यादव ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार की घोषणा के बावजूद आज तक पंचायत के सचिवों को सरकार ने छठवे वेतनमान का लाभ नहीं दिया है। इसी के साथ यादव ने कहा है कि सरकार के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मार्च 2013 में सचिवों के तुलादान करते समय ये घोषणा की थी कि पंचायत सचिवों को शिक्षाकर्मी तीन के समान वेतन निर्धारण किया जाएगा। लेकिन सरकार में आज तक ऐसा नहीं किया। बल्कि वेतन पुर्नरीक्षित देकर सरकार ने सचिवों से पल्ला झाड़ लिया है। इसके साथ यह आरोप भी लगाया है कि सरकार द्वारा पुर्ननिरीक्षत वेतन देने के आदेश जारी होने के बाद आज दिनांक तक सचिवों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने से प्रदेश के सचिव और उनके परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे है। यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव और पंचायत राज्य मंत्री विश्वास सारंग से मांग की है कि वे अधिकारियों को निर्देशित करे कि गणना पत्रक शीघ्र जारी करें जिससे सचिवों को वेतन मिल सके। इसके अलावा आजाद पंचायत सचिव के अध्यक्ष यादव ने सरकार से कहा है कि प्रदेश के सचिव की मृत्यु पर सरकार पहले एक लाख रुपये देती थी। सरकार ने इस आदेश में भी संशोधन करके सचिव की मृत्यु पर एक लाख देने की बात तो कहीं है लेकिन ये एक लाख रुपये एक साल बाद दस हजार रुपये प्रतिमाह की किश्त के अनुसार सचिव केपरिवार वालों को सरकार को देना होगा। यादव ने कहा है कि सरकार असंगठित मजदूरों की साधारण मृत्यु पर दो लाख रुपये एक दुर्घटना मृत्यु पर चारलाख रुपये सहित अंत्येष्ठि के लिए पांच हजार रुपये देती है क्या मध्यप्रदेश के पंचायत सचिव इन लोगों से भी गये गुजरे है। क्या सरकार इन्हें अपना नहीं मानती है जो सरकार पंचायत सचिव के आकस्मिक मृत्यु पर एक लाख रुपया आर्थिक सहायता तो देगी लेकिन ये आर्थिक सहायता परिवारसे वापस ले लेगी। यादव ने कहा है कि सरकार सचिव की आकस्मिक मृत्यु पर कम से कम दो लाख रुपये दे जैसा कि अन्य कर्मचारी को दिया जाता है।
मुख्यमंत्री नहीं माने तो फिर होगा आंदोलन
आजाद पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वो शीघ्र ही हमारी इन छोटी छोटी मांगों का निराकरण कराकर हमारी सहायता करें जिससे पंचायत सचिव पूरे प्रदेश में निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर संघ की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो संघ एक बार फिर आंदोलन की राह परचल सकता है जिससे सरकारकी परेशानी बढ़ सकती है।



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