किसानों के लिए खुशखबरी, 2600 करोड़ रुपए ब्याज माफ
- शिवराज सरकार ने किसानों को दिया तोहफा
- कैबिनेट बैठक में लिया निर्णय
- हर किसान को न्यूनतम 5000 मुआवजा मिलेगा
- कल्याणी से विवाह पर मिलेंगे 2 लाख रुपये
दीपक राय, भोपाल...
प्रदेश के 17 लाख 78 हजार किसानों को शिवराज सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। इन किसानों के 2650 करोड़ रुपये का का ब्याज माफी का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के इस कदम से साढ़े सत्रह लाख डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ हो गया है। ये वह किसान हैं जिन्होंने सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लिया था। अब किसानों को बाकी बचा मूलधन दो किश्तों में लौटाना होगा। 15 जून को पहली किश्त देनी होगी। इसे डिफाल्टरों का ब्याज माफ करने की योजना नाम दिया गया है। मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट बैठक में दर्जनों प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। 10 जून को गेहूं पर 265 रुपए समर्थन मूल्य दिया जायेगा। आर बी सी 64 में संशोधन के बाद हर किसान को न्यूनतम 5000 मुआवजा मिलेगा।
- यह निर्णय भी लिए
- 1 लाख से ज्यादा आबादी पर 1 तहसील होगी
- भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन में 5-5 तहसील बनेंगी
- 550 नायब तहसीलदार 191 सहायक ग्रेड 3 के पदों को मंजूरी दी गई
- तृतीय श्रेणी के 191 और चतुर्थ श्रेणी के 191 पदों को मंजूरी
किसानों पर बरसेगा बोनस
पिछले साल का 200 रुपए गेहूं-धान का बोनस किसानो को 16 अप्रैल मिलेगा और इस वर्ष का 265 रुपये 10 जून तक मिलेगा। चना मसूर सरसो पर 100 रुपये गेंहू, धान पर 200 रुपये प्रोत्साहन राशि। चना मसूर सरसो पर इसी साल 100 रु कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को दिया जाएगा।
विधवा शब्द होगा समाप्त, अब कहलाएंगी 'कल्याणी''
कल्याणी से शादी पर दो लाख रुपए मिलेंगे
सरकार ने तय किया है कि विधवा महिला के लिए अब 'कल्याणी' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। कल्याणी महिला से शादी करने वाले को सरकार दो लाख रुपए देगी। हालांकि योजना के तहत 45 साल की कम उम्र की विधवा से विवाह करने पर ही दो लाख रुपए दिए जाएंगे। जो भी शख्स विधवा महिला से विवाह करेगा उसका यह पहला विवाह होना चाहिए। दोनों को जिला कलेक्ट्रेट ऑफिस जाकर विवाह का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही ग्राम पंचायत द्वारा दिया गया कोई एक सबूत पेश करना होगा। मध्य प्रदेश सरकार इस योजना पर हर साल 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी। विधवा महिलाओं के लिए शुरू की गई ये योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है। भारत में साल 1856 में विधवा महिलाओं को पहली बार पुनर्विवाह करने की कानूनी तौर पर मान्यता मिली थी।
मप्र में बनेंगी 43 नई तहसील
- 1 लाख की आबादी वाले इन शहरों में होगा नई तहसीलों का गठन
मध्य प्रदेश के लिए शिवराज कैबिनेट खुशखबरी लेकर आई है। प्रदेश में जल्द ही 43 नई तहसील बनाई जाएंगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक इस पर मुहर लग गई। अब एक लाख से अधिक लेकिन 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय निकाय में भी एक-एक नई तहसील बनेगी। 30 नगरीय क्षेत्रों में 43 नवीन तहसीलों का गठन किया जायेगा। वहीं भविष्य में जनसंख्या वृद्धि होने पर जनसंख्या के मापदंड अनुसार नवीन नगरीय तहसीलों के गठन की भी सैद्धातिंक स्वीकृति दी गयी है। नई तहसील बनने से लोगों को नामांतरण, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास संबंधित कई काम आसानी से हो सकेंगे। साथ ही जिला प्रशासन को भी जमीन के सरकारी रेट तय करने वाली कलेक्टर गाइडलाइन बनाने से लेकर प्राकृतिक आपदा के मुआवजा की राशि के वितरण में भी आसानी होगी।
कहां कितनी तहसीलें बनेंगी
महानगरों में इन्दौर और भोपाल में पाँच-पाँच, ग्वालियर और जबलपुर में तीन-तीन तथा उज्जैन नगरीय क्षेत्र में दो नई तहसीलों का गठन किया जायेगा। इसी प्रकार एक लाख से अधिक लेकिन 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय निकाय देवास, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी, सिंगरौली, बुरहानपुर, खण्डवा, मुरैना, भिण्ड, गुना, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, विदिशा, छतरपुर, मंदसौर, दमोह, नीमच, होशंगाबाद, खरगोन, सीहोर, बैतूल, सिवनी, और दतिया में एक-एक नई तहसील बनेगी।
550 नायब तहसीलदार मिलेंगे
प्रत्येक नई तहसील में तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक ग्रेड-1, जमादार/दफतरी/बस्तावरदार और वाहन चालक के एक-एक पद, सहायक ग्रेड-2 के दो पद तथा सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के चार-चार पद कुल 16 पद प्रति तहसील सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इस अलावा कैबिनेट बैठक में राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के 550 पद तथा सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के 191-191 नये पद सृजित करने का भी फैसला हुआ है।
दीपक राय, २७ मार्च

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