कंपनियों से तोहफे नहीं लें मंत्री, फाइव स्टार में न ठहरें : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को समझाया है कि वे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा दी गई किसी भी सुविधा को स्वीकार नहीं करें। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को यह समझाइश दी। प्रधानमंत्री उन मंत्रियों से काफी नाराज थे, जो विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के तहत पांच सितारा होटलों में रह रहे हैं या उनकी गाडिय़ों को मनमाने तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि जब वे सरकारी काम करें, तो सरकारी आवासों में ही ठहरें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अनुचित तरीकों से पांच सितारा होटलों में ठहरने से बाज आना चाहिए। उन्होंने मंत्रियों से कहा, मैं इस बात से बहुत आहत हूं कि कुछ मंत्रीगण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की गाडिय़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं साफ कर दूं कि मंत्री हों या उनके परिवार वाले, इस तरह का कोई दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी मंत्री अपने स्टाफ से भी कहें कि वे सरकारी कंपनियों से कोई तोहफा नहीं लें।
मोदी-शाह देगें भाजपा के मुख्यमंत्रियों को सूत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों से आमने-सामने होकर फीडबैक लेंगे और सुशासन के सूत्र भी देंगे। इस बैठक का मकसद आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव के लिए कमर कसने जैसा होगा। बैठक में भाजपा के कुछ पदाधिकारी भी मौजूद होंगे। यूं तो यह बैठक हर तीन माह में होने वाली सामान्य बैठक है। भाजपा ने 2019 की तैयारियों के लिए लक्ष्य भी तय कर लिया है। उन सीटों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां पार्टी पिछला चुनाव हारी थी या फिर ऐसी सीटें जहां भाजपा कभी नहीं जीत सकी। ऐसी सीटों के लिए केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्रियों को भी अभी से चुनाव के लिए कमर कसने को कहा है। गौरतलब है कि इस बैठक के औपचारिक एजेंडे में मुख्यत: केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विशेष योजनाओं, केंद्र-राज्य सामंजस्य, केंद्र के अधिकारियों के साथ राज्य के अधिकारियों का संवाद जैसा मुद्दा शामिल है। राज्यों की उन योजनाओं की जानकारी भी मांगी जा सकती है जिसमें केंद्र से विशेष मदद की जरूरत है।
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