आप क्या चेट कर रहे हैं, किससे बात कर रहे, कहीं दूसरा तो नहीं देख रहा
-आपके मोबाइल को हैक कर दूसरी जगह बैठा इंसान भी आपके फोन को देख सकता है
- आप जो- जो करते हैं वह डाटा आपके फोन से दूसरे व्यक्ति को पल-पल ट्रंासफर हो सकता है
-जीजा को मोबाइल हैक कर रहा था साल
-जीजा के फोन की जानकारी हर पल जुटा रहा था आरोपी
-प्रदेश में मोबाइल हैकिंग का पहला मामला राजधानी में उजागर
भोपाल, दीपक राय। मोबाइल फोन हैक करने का प्रदेश में पहला मामला सामने आया है। इसमें साले ने ही अपने जीजा का मोबाइल फोन हैक कर लिया। इसके जरिये वह जीजा के मोबाइल फोन पर पल-पल की नजर रखे हुए था। मोबाइल हैक करने वाले तक पहुंचने के लिए सायबर पुलिस को खासा पसीना बहाना पड़ा। उसे फोरेंसिक एक्सपर्ट तक की मदद इस मामले को सुलझाने में लेनी पड़ी। जानकारी के अनुसार गिन्नौरी भोपाल के रहने वाले फरहान खान को यह आशंका हुई कि वे जिससे भी मोबाइल फोन पर बात करते हैं, वे उनके समाज के लोगों को भी पता चल जाती है। क्या बात हुई, यह भी दूसरों को पता चल जाता है। किसे उन्होंने क्या मैसेज किया, यह भी दूसरे लोग उन्हें बता देते थे। वे मोबाइल में किस वक्त क्या करते हैं यह भी दूसरे लोग पता कर लेते थे। इस पर उन्हें मोबाइल हैक होने का शक हुआ। उन्होंने इस संबंध में सायबर पुलिस को शिकायत की। सायबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के लिए फरहान के मोबाइल को चैक किया गया, लेकिन उसमें ऊपरी तौर पर कुछ नजर नहीं आया। इसके बाद मोबाइल की फोरेंसिक जांच करवाई गई जिसमें पता चला कि इसमें एक हिडन एप्लीकेशन अपलोड किया गया है। जब सायबर पुलिस ने इसकी जानकारी जुटाई तब पता चला कि फरहान का साला साद उद्दीन के मोबाइल पर फरहान का पूरा डाटा ट्रांसफर हो रहा है। पुलिस ने साद को गिरफ्तार कर लिया है। वह भोपाल में शेयर ट्रैडिंग का काम करता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इंजीनियिरंग की पढ़ाई कर चुका है। साथ ही उसने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने जीजा का मोबाइल फोन हैक किया था। जिससे वो यह जान सके कि फरहान किन किनलोगों के संपर्क में है और वो क्यों बातचीत करता है। इसी के चलते उसने अपने जीजा के फोन में एप्लीकेशन डाल दी थी।
वर्सन
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| shailendra singh chauhan SP cyber cell bhopal |
किसी के भी मोबाइल फोन के साथ ऐसा हो सकता है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां सभी को बरतनी चाहिए। फोन में दिए गए सिक्युरिटी लॉक का प्रयोग करें। फोन में एंटी वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके रखे। कभी भी खुली पैकिंग का मोबाइल फोन न खरीदें। इन सावधानियों से मोबाइल हैकिंग से बचा जा सकता है।
-शैलेंद्र चौहान, एसपी राज्य सायबर सेल


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