बच्चों के पास चलकर पहुंचा न्यायालय
-बच्चों को उपलब्ध कराईं मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं
दीपक राय, भोपाल। बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए जिला विधिक सहायता प्राधिकरण भोपाल ने 5 दिवसीस अभियान संचालित किया। माननीय न्यायमूर्ति जस्टिस एके सेठ एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र शुक्ला के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में 17 से 21 अप्रैल तक भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंतर्गत सड़कों, रेलवे स्टेशनों में घूमने वाले बच्चों को उनके हित के कानूनों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान बच्चों को शिक्षा संबंधी जानकारी के साथ ही बाल संरक्षण व अधिकारों की जानकारी प्रदान की गई। पहले दिन 17अप्रैल को समन्वय भवन में हुए कार्यक्रम में जिला विविध सहायता प्राधिकरण के सचिव विपिन लवानिया एवं विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट दिनेश खटीक ने बच्चों को शिक्षा से जुडऩे के बारे में जानकारी प्रदान की। खटीक ने बच्चों से उनकी जिज्ञासाओं के बारे में बात की और उन्हें स्कूल जाने की सलाह दी। विपिन लवानिया ने कहा कि विधिक सहायता प्राधिकरण बाल हित को आगे बढ़ा रहा है। जिला विधिक सहायता अधिकारी बीएम सिंह ने बाल शोषण से बचाव संबंधी जानकारी साझा की। इसी तरह 18 अप्रैल को भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर में कुली विश्राम गृह में कार्यक्रम में स्टेशन में घूमने वाले छोटे बच्चे और नशे की लत में पड़ गए बच्चों को नशा मुक्ति के बारे में जानकारी प्रदान की गई। यहां पर शिबू फादर, आरपीएफ की सब इन्सपेक्टर मंजू मोहबे, जीआरपी की सब इन्सपेक्टर रेखा कुर्वेती ने जानकारी प्रदान की। इसी तरह 21 अप्रैल तक आयोजन किए गए। कार्यक्रम में अमित मखरे, आशीष मालवीय, नितीन मालवीय ने भी बाल अधिकार पर चर्चा की।
स्कूल भेजे जाएंगे बच्चे
21 अप्रैल को स्टेशन के 6 नंबर प्लेटफॉर्म में आयोजनकर्ता सहारा साक्षरता एजुकेशनल एवं सोशल वेलफेयर सोसायटी के शिवराज कुशवाहा ने बताया कि नशा करने वाले बच्चों के पुनर्वास की योजना बनाई जा रही है। बाल कल्याण समिति की सदस्य सीमा अग्रवाल ने कहा कि स्टेशन में घूम रहे बच्चे नितेश और विपिन को विशेष शिक्षा दीक्षा के प्रयास किए जाएंगे। सूचना, शिक्षा और सरोकार के लिए काम कर रही नजर कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के दीपक राय ने बताया कि सूचना के प्रसार से लोगों में जागरुकता आएगी और ऐसे बच्चों के लिए समाज आगे आएगा।
पैरालीगल क्लिनिक करेगा मदद
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1 पर लीगल एड क्लिनिक की शुरुआत भी की गई। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल के मार्ग दर्शन मे उसकी देखरेख में वांलिटियर निषा तिरकी एवं संजीव जोशी बच्चों की समस्याओं को सुनेंगे।
थर्ड जेंडर भी आया आगे
भोपाल में बच्चों के संरक्षण के लिए थर्ड जेंडर यानी किन्नर भी आगे आए हैं। किन्नर संजना राजपूत एवं काजल ने भी बच्चों से कहा कि वे अकसर आकर उनसे मिलेंगी और जो समस्याएं होंगी उनका समुचित हल निकाला जाएगा। संजना ने कहा कि इन बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा जिससे ये नशे और अपराध की लत से बाहर निकल सकते हैं।

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