रसायनिक हमले की फिराक में जुटे आतंकी गिरफ्तार
गुजरात से किये गए गिरफ्तार
केमिकल जुटाने की फिराक में थे
अहमदाबाद, । मध्य प्रदेश में आईएसआई के लिए जासूसी करने वालों की गिरफ्तारी के बाद अब गुजरात के अहमदाबाद में खतरनाक अपराधी पकड़े गए हैं। ये आतंकी हमले के लिए केमिकल जुटाने की प्लानिंग में थे। इसी दौरान गुजरात के एटीएस ने राजकोट से इन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि हमने आईएस के दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह देश के विभिन्न शहरों में केमिकल अटैक करने की प्लानिंग कर रहे थे। यह गिरफ्तारी राजकोट और भावनगर से की गई हैं। यह दोनों आतंकी देश के विभिन्न शहरों में अपने आतंकी हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। इन हमलों को करने के लिए यह गुजरात में आतिशबाजी बनाने वालों से केमिकल एकत्रित करने की भी प्लानिंग में लगे थे। पुलिस के मुताबिक यह दोनों आतंकी भाई हैं जिनका नाम वसीम और नाथिन है। गुजरात पुलिस के ज्वाइंट सीपी (क्राइम ब्रांच) आईके भट्ट के मुताबिक इनको पकडऩे के लिए पुलिस ने विशेष ऑपरेशन चलाया था।
यहां भी की गईं थी गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि पिछले माह एनआईए एक केरल निवासी को भी आईएस के संदिग्ध आतंकी के तौर पर गिरफ्तार किया था। वहीं पिछले वर्ष राजस्थान की एटीएस ने सीकर जिले से आईएस के एक ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया था। यह आतंकी संगठन को फंड ट्रांसफर करने के मामले लिप्त था। आईएस के चंगुल से छूटने वाले भारतीय डॉक्टर के रामामूर्ति के मुताबिक आईएस भारत में ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच अपनी सोच को फैलाना चाहता है। उनके मुताबिक आईएसआईएस में काफी संख्या में पढ़े लिखे और युवा शामिल हैं। इतना ही उन्हें भारत के बारे में पूरी जानकारी है।
काफी पढ़े-लिखे हैं आतंकी
रामामूर्ति के मुताबिक आईएस में शामिल युवा बेहद पढ़े लिखे हैं उन्हें भारत के बारे में काफी कुछ जानकारी हैं। यहां तक की वह यह भी जानते हैं कि यहां की विकास दर कितनी है और शिक्षा में भारत कितना डेवलेप है। इन्हीं वजहों से भारत उनका पसंदीदा देश बन गया है।
दो दिन में थी धमाके की तैयारी
एटीएस ने गत शनिवार की रात दो टीम बनाई और उन दोनों को पकड़ा। दोनों भाई बम बनाने वाली सभी सामग्री के साथ तैयार थे और अगले दो दिनों में धार्मिक स्थानों पर धमाके करने की साजिश कर रहे थे।
दो साल से थी निगाह
दोनों संदिग्ध की गिरफ्तारी से एक बड़ा आतंकी हमला टल गया। दोनों के पास से गन पाउडर, बैटरी के साथ देशी बम और नकाब बरामद हुए हैं। पुलिस ने कंप्यूटर भी जब्त किए हैं। इनमें आपत्तिजनक और प्रतिबंधित सामग्री थी। उन्होंने कहा, वे ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया नेटवर्कों के माध्यम से देश के बाहर आईएसआईएस कार्यकर्ताओं के संपर्क में थे। एटीएस वर्ष 2015 से ही उन पर नजर रखे हुए थी।
चोटिला मंदिर निशाने पर था
एटीएस के पुलिस अधीक्षक हिमांशु शुक्ला ने कहा, यह सच है कि चोटिला मंदिर उनके निशाने पर था। हाल ही में वसीम ने इस मंदिर की रेकी भी की थी। दोनों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, उन्होंने आगे की जांच को ध्यान में रखकर फिलहाल इस संबंध में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
क्रिकेट अंपायर के बेटे हैं दोनों
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों भाई सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) से जुड़े एक अंपायर आरिफ रामोदिया के बेटे हैं। राजकोट निवासी आरिफ हाल ही में सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका बड़ा बेटा वसीम अलंग में शिपब्रेकिंग यार्ड से जुड़े रोजगार में था। वहीं, छोटा बेटा नईम बीसीए (बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन) का छात्र रहा है।

No comments