सीने में धंसा था तीर, 250 किमी दूर आकर कराया इलाज, बची जान
इंदौर, ।
पेट और सीने में धंसे तीर के साथ एक युवक इंदौर के एमवायएच अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। उसकी हालत देख डॉक्टर भी हैरान थे। तीर दिल के पास से होता हुआ पेट तक पहुंच गया था। तीर ने आंतों को भारी नुकसान पहुंचाया था। साढ़े चार घंटे चली ऑपरेशन के बाद युवक की जान बचा ली गई। हालांकि मरीज की हालत अब भी गंभीर है। आलीराजपुर के 24 साल के मनसिया को एक अन्य युवक शुक्रवार सुबह करीब पौने आठ बजे अस्पताल लेकर पहुंचा। उसके पेट, सीने और हाथ में तीर लगे थे। हाथ में लगा तीर उसने खुद ही निकाल लिया था जबकि दो तीर बुरी तरह शरीर में घंसे हुए थे। सीने में लगा तीर सामान्य से ज्यादा लंबा था। वह दिल के पास होते हुए पेट तक पहुंच गया था। इस वजह से मरीज की कई आंतें फट चुकी थीं।
टूट गया था तीर
पेट में धंसा तीर भीतर ही आधा टूट गया था। मरीज को डॉ. मनीष कौशल की युनिट में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने तीरों को शरीर से बाहर निकाला। मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। वह फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।
इसलिए बच गई जान
मरीज सीने और पेट में लगे तीरों के साथ अस्पताल पहुंचा था। उसके परिजन ने इन तीरों को निकालने की कोशिश भी नहीं की। यहीं वजह थी कि डॉक्टर उसकी जान बचा सके। तीर निकालने की कोशिश होती तो हो सकता था कि मरीज की आंतों को बड़ा नुकसान पहुंचता और उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता।
छोटे भाई ने मारा था तीर
चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आंबाडबेरी के पटेल फलिए में निवासी दो भाईयों के बीच गुरुवार की शाम को विवाद हुआ। आपसी पारिवारिक विवाद के चलते आवेश में आकर छोटे भाई ने बड़े भाई पर कामठी चढ़ाकर तीन नुकीले तीर छोड़ दिए। जिसमें से एक तीर सीने के बिलकुल करीब लगा, दूसरा पेट में और तीसरा दाहिने हाथ पर लगा। गंभीर हालत में बड़े भाई को शुक्रवार तड़के तीन बजे करीब जिला अस्पताल लाया गया जहां से उसे इंदौर एमवाय के लिए रैफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी छोटे भाई के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया।
इसलिए हुआ विवाद
दोनों भाइयों में इस बात को लेकर गुरुवार की रात को 9 बजे करीब विवाद हुआ। मनसिया ने छोटे भाई भुवना का कह दिया कि तू कुछ कमाता धमाता नही है और तेरे बच्चे दिन भर मेरे ही यहां पड़े रहते हैं और खाते पीते हैं । तू कुछ ढंग का कामकाज किया कर। बस यह बात भुवना को चुभ गई। देर रात 11 बजे करीब भुवना तीर कामठी पर चढ़ा कर मनसिया के घर पहुंचा और उसे एक एक कर तीन तीर दे मारे। ज्ञात रहे कि आंबाडबेरी से इंदौर की दूरी करीब ढाई सौ किमी दूर है। तीर लगने के करीब 12 घंटे बाद मनसिया का ऑपरेशन इंदौर में हुआ।

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