45 डिग्री तापमान में शूटिंग, आदिवासी कलाकारों को नहीं मिला मेहनताना
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| prakash jha not pay dindori artist |
डिंडौरी। 45 डिग्री पारा, नंगे पैर, उबड़ खाबड़ जमीन, कंकड़-पत्थर के बीच आदिवासी कलाकारों से गुदुम दल के साथ सैला-रीना व करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा ने शूट कराई। शूटिंग के दौरान तालियां तो खूब बजीं, लेकिन बिना भुगतान किए ही प्रकाश झा अमरकंटक रवाना हो गए। घंटों प्रदर्शन कराने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया।
आदिवासी कलाकारों के दल को बरसोद, पटपरा समेत अन्य गांव से लेकर दल प्रमुख गए थे। दरअसल फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा दो दिनों से आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ मां नर्मदा पर फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। गांव-गांव कलाकारों के दल को लेकर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। शूटिंग भी हुई। आदिवासी कलाकारों को जब भुगतान नहीं मिला तो उन्हे निराश वापस लौटना पड़ा।
जानकारी मिलने पर डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने इसे आदिवासी कलाकारों का शोषण बताया। कलाकारों का कहना है कि उन्हे यह जानकारी भी नहीं थी कि फिल्म में शूटिंग के लिए उन्हे बुलाया जा रहा है। जब वे प्रस्तुति देने लगे तब मालूम हुआ कि फिल्म शूट की जा रही है। शूटिंग बजाग के बैगाचक गांव सिलपिड़ी में दोपहर एक बजे से साढ़े तीन बजे की गई।
नर्मदा सेवा यात्रा बजट से होगा भुगतान
मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी खानापूर्ति करने में जुट गए। मामला तूल पकड़ता देख खुद भुगतान करने की बात भी कही। फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा से जब मीडिया ने पूछा कि फिल्म किस थीम पर बनाई जा रही है तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया।
इनका कहना है
नर्मदा सेवा यात्रा के बजट से कलाकारों को भुगतान किया जाएगा। आदिवासी कल्चर फिल्मों में दिखेगा। आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ नर्मदा पर फिल्म बनाने की योजना है। भोपाल से निर्देश मिले थे। उसके तहत यह व्यवस्था दी गई है। आरोप लगाने वालों को सकारात्मक भी सोचना चाहिए। -अमित तोमर कलेक्टर, डिंडौरी
आदिवासी कलाकारों का फिल्म में उपयोग कर भुगतान न करना शोषण है। पहले एग्रीमेंट होता है कि उसे कितनी राशि मिलेगी इसके बाद कलाकार अपनी प्रस्तुति देता है। डिंडौरी जिले में पेशा एक्ट लागू है। फिल्म डायरेक्टर बना रहा है न कि मप्र की सरकार। भुगतान डायरेक्टर को करना चाहिए। अगर भुगतान नहीं मिला तो मैं इसकी लड़ाई लडूंगा। आदिवासी कलाकारों का शोषण नहीं दिया जाएगा। -ओमकार सिंह मरकाम विधायक, डिंडौरी।
हमें जानकारी नहीं थी कि फिल्म शूट कराने के लिए बुलाया गया है। जब हम रामघाट पहुंचे तब पता चला। डायरेक्टर के जाने के बाद पैसा की बात की तो जिला योजना अधिकारी ने कहा है कि 17 को कलेक्ट्रेट आओ फिर भुगतान के बारे में देखते हैं, कैसे करना है। जिला क्रीडा अधिकारी पीएस राजपूत के बुलाने पर हम लोग आए थे। - कमल सिंह मरावी सैला रीना कलाकार दल प्रमुख।

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